टाउन हॉल में आयोजित किसान रजिस्ट्रेशन एवं ई-KYC उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने किया। डीएम ने सभी पात्र किसानों का अनिवार्य पंजीकरण और ई-KYC 2 मार्च तक अभियान मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। किसान आईडी को सरकारी योजनाओं, खाद-बीज वितरण और फसल खरीद के लिए आवश्यक बताया गया।
भागलपुर | BLive News
भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं ई-KYC उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जिले के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसान पंजीकरण और ई-KYC कार्य में भागलपुर जिला राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि किसान रजिस्ट्रेशन को गति देने के लिए सभी पात्र किसानों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किया जाना आवश्यक है।
किसान आईडी होगी पहचान
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसान की पहचान उसका “किसान आईडी” है। जिन किसानों के नाम पर भूमि दर्ज है, उन्हें अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। भविष्य में खाद-बीज वितरण, फसल खरीद और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास किसान आईडी और ई-KYC पूर्ण होगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि शेष बचे किसानों का पंजीकरण अभियान मोड में चलाकर 2 मार्च तक लक्ष्य पूरा किया जाए। सभी संबंधित पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
पीएम किसान से जुड़े लाभुकों पर विशेष ध्यान
उप विकास आयुक्त ने प्रखंडों से अपील की कि पीएम किसान सम्मान निधि के अधिकतम लाभुकों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उपलब्ध डाटा के आधार पर नियमित मॉनिटरिंग और दैनिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
अपर समाहर्ता (राजस्व) ने शेष लक्ष्य प्राप्ति हेतु दैनिक प्लानिंग पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
80% आबादी कृषि पर निर्भर
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की लगभग 80 से 85 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर आधारित है। ऐसे में सभी किसानों का ई-KYC और रजिस्ट्रेशन पूरा होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिल सके।