बिहार विधान परिषद में उठा स्कूलों में शनिवार अवकाश का मुद्दा, ‘हाफ डे’ बहाल करने की मांग
बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र में सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शनिवार की व्यवस्था को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। प्रस्ताव में दिसंबर 2023 से लागू पूर्ण कार्यदिवस (फुल डे) शनिवार पर पुनर्विचार करते हुए पूर्व की तरह ‘हाफ डे’ बहाल करने या राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रत्येक दूसरे शनिवार अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। प्रस्ताव में शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों और शैक्षणिक संतुलन का मुद्दा उठाया गया है।
भागलपुर/पटना, 16 फरवरी 2026। बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र के दौरान सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में शनिवार की व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। प्रस्ताव में दिसंबर 2023 से लागू पूर्णकालिक शनिवार (फुल डे) व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की गई है।
विधान परिषद सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पूर्व में प्रत्येक शनिवार ‘हाफ डे’ की परंपरा थी, जिससे पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित होती थी और विद्यार्थियों में स्वच्छता व जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते थे। लेकिन 1 दिसंबर 2023 से समय-सारिणी में बदलाव कर शनिवार को पूर्ण कार्यदिवस बना दिया गया।
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को पूरे दिन विद्यालय में उपस्थित रहने के कारण पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में कठिनाई होती है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रत्येक दूसरे शनिवार को अवकाश का प्रावधान लागू करने की भी मांग की गई है।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से अनुरोध किया गया है कि विद्यालयों की समय-सारिणी में संशोधन कर पूर्व की भांति शनिवार को ‘हाफ डे’ बहाल किया जाए या फिर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रत्येक दूसरे शनिवार अवकाश घोषित किया जाए।
इस मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।
