बिहार के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति अब पात्रता परीक्षा के आधार पर होगी। शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है और नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से की जाएगी। राज्य में पहले सृजित 2789 पदों में से कई पद अभी भी रिक्त हैं। पात्रता परीक्षा की घोषणा से हजारों अभ्यर्थियों में रोजगार की नई उम्मीद जगी है।
पटना | BLive Desk
बिहार के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति के लिए अब पात्रता परीक्षा (Eligibility Test) आयोजित की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, राज्य के उच्च माध्यमिक स्कूलों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति लंबे समय से लंबित है। अब पहले पात्रता परीक्षा आयोजित होगी और उसमें सफल अभ्यर्थी ही नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे।
2789 पदों का हुआ था सृजन
बताया जाता है कि वर्ष 2007 में उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 2789 लाइब्रेरियन पदों का सृजन किया गया था। वर्ष 2008 में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई, जो 2019 तक विभिन्न चरणों में चलती रही। इसके बावजूद करीब 1022 पद अब भी रिक्त हैं। अब सरकार इन पदों को भरने की दिशा में सक्रिय हुई है।
युवाओं में बढ़ी उम्मीद
राज्य में 9 हजार से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। पंचायत स्तर पर प्लस-टू स्कूल खुलने के बाद लाइब्रेरियन की आवश्यकता और बढ़ गई है। ऐसे में पात्रता परीक्षा की घोषणा से हजारों युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
नियुक्ति, स्थानांतरण और सेवा नियमावली भी तैयार
सूत्रों के अनुसार, लाइब्रेरियन की नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्रवाई और सेवा शर्तों को लेकर नियमावली भी तैयार की जा रही है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।