भागलपुर आयुर्वेदिक कॉलेज उन्नयन का मुद्दा सदन में उठा, भूमि हस्तांतरण पर सरकार ने दिया आश्वासन
भागलपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के उन्नयन का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। कॉलेज विस्तार में भूमि की कमी को प्रमुख बाधा बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जवाब में कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। भूमि उपलब्ध होते ही भवन विस्तार और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। स्थानीय विधायक रोहित पांडे ने भी इस विषय को सदन में उठाने की जानकारी साझा की है।
भागलपुर | BLive Desk
भागलपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के उन्नयन से जुड़ा मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। कॉलेज के विकास में भूमि की कमी को प्रमुख बाधा बताया गया है।
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) के मानकों के अनुसार आयुर्वेदिक कॉलेज के समुचित संचालन और विस्तार के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि आवश्यक है। वर्तमान में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण उन्नयन से संबंधित योजनाएं लंबित बताई जा रही हैं।
क्या कहा गया सदन में?
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जवाब में कहा गया कि कॉलेज के समीप उपलब्ध सरकारी भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर कार्रवाई की जा रही है। भूमि हस्तांतरण होते ही कॉलेज एवं अस्पताल के उन्नयन से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
विकास से जुड़े संभावित कार्य
भूमि उपलब्ध होने की स्थिति में— • भवन विस्तार • पंचकर्म केंद्र का विकास • संसाधनों का सुदृढ़ीकरण • आधारभूत संरचना का विस्तार
जैसे कार्य किए जा सकेंगे।
विधायक रोहित पांडे ने उठाया मुद्दा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थानीय विधायक रोहित पांडे ने इस विषय को विधानसभा में उठाया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी इसकी जानकारी साझा की और भागलपुर में आयुर्वेदिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विषय?
भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए यह आयुर्वेदिक कॉलेज एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है। उन्नयन से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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