भागलपुर में रेशम उद्योग के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र की मांग, विधानसभा में उठा ‘सिल्क सिटी’ का मुद्दा
भागलपुर की ‘सिल्क सिटी’ पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए रेशम उद्योग के विशेष अनुसंधान केंद्र की मांग विधानसभा में उठाई गई। विधायक रोहित पांडेय ने बुनकरों के संरक्षण, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया। सरकार ने रेशम उद्योग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
भागलपुर | BLive Desk भागलपुर की ‘सिल्क सिटी’ पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से रेशम उद्योग के अनुसंधान एवं विकास के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र की स्थापना की मांग उठाई गई है। इस संबंध में विधायक रोहित पांडेय द्वारा बिहार विधानसभा में प्रश्न उठाया गया। विधानसभा में प्रस्तुत प्रश्न के माध्यम से भागलपुर में रेशम उद्योग, बुनकरों के संरक्षण, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नयन के लिए ठोस पहल की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उनका कहना है कि विशेष अनुसंधान केंद्र की स्थापना से बुनकरों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। 📌 सरकार ने क्या बताया? विधानसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा रेशम उद्योग और बुनकरों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं: कार्यशील पूंजी योजना के तहत हजारों बुनकरों को वित्तीय सहायता विद्युत अनुदान योजना के अंतर्गत बिजली बिल पर सब्सिडी छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से बुनकर परिवारों के विद्यार्थियों को सहायता क्लस्टर डेवलपमेंट योजना के तहत बुनियादी ढांचे का विकास हस्तकरघा उत्पाद संरक्षण अधिनियम का क्रियान्वयन केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त वित्तीय सहयोग सरकार ने यह भी जानकारी दी कि विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की सहायता बुनकरों और संबंधित संस्थानों को उपलब्ध कराई गई है। 🎯 क्यों महत्वपूर्ण है अनुसंधान केंद्र? रेशम उद्योग में आधुनिक तकनीक का समावेश बुनकरों को कौशल प्रशिक्षण निर्यात संभावनाओं में वृद्धि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भागलपुर की ‘सिल्क सिटी’ ब्रांडिंग को वैश्विक पहचान 📢 विधायक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि रेशम उद्योग के सशक्त विकास के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा। BLive इस मुद्दे पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित निर्णय पर नजर बनाए हुए है। BLive – आपके शहर की खबर, तथ्य के साथ।
