3 मार्च को चंद्रग्रहण: सूतक सुबह 6:20 से, जानिए क्या करें और क्या नहीं
3 मार्च को चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है। सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:50 बजे समाप्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य विशेष फलदायी माना जाता है।
भागलपुर/डेस्क: 3 मार्च (मंगलवार) को चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है। ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रातः 6:20 बजे से प्रारंभ होगा। ग्रहण स्पर्श दोपहर 3:20 बजे और ग्रहण मोक्ष सायं 6:50 बजे बताया गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूतक काल लगने से पहले मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कर ली जाती है तथा सूतक प्रारंभ होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सूतक के दौरान मूर्ति स्पर्श और भोजन करना वर्जित माना गया है। वृद्ध, बालक और रोगी आवश्यकता अनुसार ग्रहण स्पर्श से पहले भोजन कर सकते हैं। ग्रहण काल (3:20 से 6:50 बजे) को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष फलदायी माना जाता है। इस दौरान मंत्र जाप, भजन-कीर्तन और साधना करना शुभ माना गया है। ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान, घर-रसोई एवं मंदिर की सफाई तथा दान-पुण्य करने की परंपरा है। धार्मिक जानकारों का कहना है कि ग्रहण के दौरान संयम, साधना और सकारात्मक विचारों का विशेष महत्व होता है।
