भागलपुर में बाल संरक्षण को लेकर प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें आयुक्त और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों के अधिकारों और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया।
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BLive Desk
भागलपुर में बाल संरक्षण और अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी-सह-संवेदनशीलता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईटीसीसी (ICC) के सभा कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी, पुलिस अधीक्षक बांका, नगर पुलिस अधीक्षक भागलपुर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बाल अधिकारों के चार प्रमुख स्तंभ—सर्वाइवल, प्रोटेक्शन, डेवलपमेंट और पार्टिसिपेशन—पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण और समुचित विकास के अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी परिस्थिति से जुड़ा हो।
आयुक्त ने कहा कि दंडात्मक व्यवस्था से आगे बढ़कर संवेदनशील और सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, ताकि बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों से बच्चों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस की भूमिका को भी अहम बताया गया और कहा गया कि कानून के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
इस गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों को बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।