भागलपुर को मिला 13KM रेल बाईपास, जंक्शन पर घटेगा दबाव
भागलपुर में 13.38 किमी लंबे नए रेल बाईपास को मंजूरी मिली है, जिससे जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। इस परियोजना से ट्रेन संचालन बेहतर होगा, देरी घटेगी और यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी।
भागलपुर | BLive Desk
भागलपुर के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल मंत्रालय ने शहर में 13.38 किलोमीटर लंबा नया रेल बाईपास बनाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
🔹 क्या है पूरा मामला?
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह नया बाईपास पूर्वी रेलवे के तहत विकसित किया जाएगा। यह परियोजना बरहेट–भागलपुर रेलखंड के गोनूधाम हॉल्ट को भागलपुर–साहिबगंज रेलखंड के सबौर स्टेशन से जोड़ेगी।
इस परियोजना पर करीब 303.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
🔹 जंक्शन पर दबाव क्यों था?
वर्तमान में भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों का संचालन क्षमता से अधिक (लगभग 125%) लोड पर हो रहा है।
इस वजह से:
- ट्रेनों की आवाजाही में देरी
- प्लेटफॉर्म पर भीड़
- संचालन में बाधा
जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं।
🔹 बाईपास से क्या होगा फायदा?
इस नए रेल बाईपास के बनने से:
- 🚄 भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा
- ⏱ ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा
- 🔁 इंजन बदलने की आवश्यकता कम होगी
- 👥 यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी
- 🚛 मालगाड़ियों का संचालन तेज और सुगम होगा
🔹 इंजन बदलने की समस्या होगी खत्म
अभी बरहेट–भागलपुर और भागलपुर–साहिबगंज खंड के बीच चलने वाली ट्रेनों को भागलपुर जंक्शन पर इंजन बदलना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी होती है।
नई लाइन बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और परिचालन अधिक सुचारू होगा।
🔹 क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
रेल मंत्रालय का मानना है कि इस परियोजना से:
- 📈 क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
- 💼 रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- 🚆 रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी
यह परियोजना भागलपुर के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
