कहलगांव में "शक्ति संवाद": 84 स्कूलों में 8,000 छात्रों ने ली बाल विवाह के खिलाफ शपथ

विश्व जनसंख्या दिवस पर कहलगांव अनुमंडल के सभी 84 स्कूलों में "शक्ति संवाद" अभियान चलाया गया, जिसमें 5,000 से अधिक छात्राओं की हीमोग्लोबिन जांच हुई और 8,000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। प्रशासन ने इसे बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जन-आंदोलन बताया।
भागलपुर | BLive डेस्क
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर कहलगांव अनुमंडल में शुक्रवार को बालिकाओं के समग्र विकास, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को समर्पित "शक्ति संवाद" अभियान का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुमंडल के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ आयोजित हुआ, जिसमें हजारों छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की उप निदेशक (आयकर, भागलपुर) सुश्री सुनीता शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और बड़े सपने देखने का आह्वान किया।
अभियान के प्रमुख बिंदु:
- स्कूलों में महिला पदाधिकारियों ने छात्राओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन और बाल विवाह उन्मूलन जैसे विषयों पर सीधा संवाद किया।
- 5,000 से अधिक छात्राओं का हीमोग्लोबिन (Hb) परीक्षण किया गया।
- 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ लेने के साथ आयरन (IFA) की गोलियों का सेवन किया।
- प्रत्येक प्रखंड में BDO के नेतृत्व में CDPO, BEO, BWO, महिला पर्यवेक्षिकाओं और बाल संरक्षण पदाधिकारियों की एक समन्वित टीम गठित की गई, जिसे मानक कार्य प्रणाली (SOP) उपलब्ध कराई गई।
- हर विद्यालय में "बाल विवाह निषेध शिक्षक" और "सहायक शिक्षक" नामित किए जा रहे हैं, जो जागरूकता फैलाने के साथ संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
- स्कूल और पंचायत स्तर पर भी विशेष टीमें बनाई गई हैं।
अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने कहा कि "शक्ति संवाद" केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण का जन-आंदोलन है। कार्यक्रम में छात्राओं ने नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा — "जब एक बेटी सशक्त होती है, तब एक परिवार, एक समाज और एक राष्ट्र सशक्त होता है।"
(इनपुट: भागलपुर जिला प्रशासन)
