बाढ़ समीक्षा बैठक में राहत कार्यों की समीक्षा, 9 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में

भागलपुर में प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सेवाएं और जीआर राशि के भुगतान की समीक्षा की गई। जिले के 15 अंचलों की 114 पंचायतों के 456 गांव और 899 वार्ड प्रभावित बताए गए हैं। कहलगांव में SDRF की स्थायी टीम, छोटे नावों की व्यवस्था, ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा और गंगा किनारे कटावरोधी कार्यों पर भी निर्देश दिए गए।
भागलपुर | BLive डेस्क
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को बाढ़ आपदा राहत-2026 को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी समेत सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक रसोई, जीआर राशि के भुगतान, पशुचारा, आवागमन और तटबंधों की सुरक्षा समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
गंगा-कोसी के जलस्तर में गिरावट
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 13 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार गंगा एवं कोसी नदी के विभिन्न स्थानों पर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.25 मीटर, कहलगांव में 32.60 मीटर तथा सुल्तानगंज में 36.25 मीटर दर्ज किया गया। कोसी नदी के कुरसेला, मदरौनी एवं चौरहर में भी जलस्तर घटने की स्थिति बताई गई।
वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित समेकित रिपोर्ट के अनुसार जिले के 15 अंचलों की 114 पंचायतों के 456 गांव और 899 वार्ड प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में 2,10,219 परिवारों और 9,15,781 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई।
सात राहत शिविरों में 9,003 लोग रह रहे
भागलपुर शहर में संचालित सात बाढ़ राहत शिविरों में 2,092 परिवारों के कुल 9,003 लोग रह रहे हैं। शिविरों में शौचालय, स्नानघर, पानी के टैंकर, पॉलीथीन शीट, पशुओं के लिए चारा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सामुदायिक रसोई जारी रखने का निर्देश
बैठक में राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई नियमित रूप से संचालित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जलजमाव और कीचड़ की स्थिति समाप्त होने के बाद भी प्रभावित लोगों की जरूरत को देखते हुए पर्याप्त अवधि तक सामुदायिक रसोई जारी रखी जाएगी। साथ ही जलस्तर सामान्य होने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही रसोई बंद करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की व्यवस्था पर जोर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर घटने के बाद संक्रमण और बीमारियों की संभावना को देखते हुए सिविल सर्जन, भागलपुर को ब्लिचिंग पाउडर/गेमेक्सिन पाउडर के छिड़काव, बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था और पर्याप्त दवाओं के वितरण के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएं, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचें तथा कोई पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
