भागलपुर में 90 दिवसीय ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान शुरू, होगी व्यापक हीमोग्लोबिन जांच

भागलपुर में 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक 90 दिवसीय ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों, स्कूली छात्र-छात्राओं, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं सहित लक्षित समूहों की डिजिटल हीमोग्लोबिन जांच की जाएगी। एनीमिया पाए जाने पर स्थिति के अनुसार निःशुल्क उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और घर-घर जागरूकता के जरिए अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर जिले में कुपोषण एवं एनीमिया के पूर्ण उन्मूलन के उद्देश्य से मंगलवार, 25 अगस्त 2026 से 90 दिवसीय विशेष ‘एनीमिया मुक्त बिहार अभियान’ की शुरुआत की गई। राज्यस्तरीय अभियान का शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। इस दौरान राज्य के 115 अलग-अलग अस्पतालों को दूरसंचार माध्यम से लाइव जोड़ा गया।
भागलपुर सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने उपस्थित लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
इन वर्गों की होगी हीमोग्लोबिन जांच
90 दिवसीय अभियान के तहत जिले में विभिन्न लक्षित समूहों की हीमोग्लोबिन जांच की जाएगी। इनमें 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, 10 से 19 वर्ष की किशोरियां, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं तथा पुरुष शामिल हैं।
लाभार्थियों के रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर डिजिटल हीमोग्लोबिन मीटर से जांचा जाएगा। जांच के आधार पर एनीमिया से प्रभावित लोगों को उनकी स्थिति के अनुसार निःशुल्क उपचार एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गंभीर एनीमिया के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
अभियान के तहत माइल्ड एवं मॉडरेट एनीमिया से प्रभावित लोगों को आवश्यक IFA सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं गंभीर एनीमिया के मामलों के लिए अस्पताल स्तर पर विशेष उपचार एवं निगरानी की व्यवस्था की गई है।
भागलपुर सदर अस्पताल सहित संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं एवं सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी होगी स्क्रीनिंग
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर लक्षित लाभार्थियों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर पहुंचकर लोगों को एनीमिया के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
पौष्टिक आहार के प्रति भी जागरूकता
अभियान के दौरान लोगों को एनीमिया से बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, सहजन एवं विटामिन-C युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि सही उम्र में विवाह, परिवार नियोजन को अपनाना और एनीमिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई समाज को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
