बिहार में जल्द शुरू हो सकती है BGHS, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

बिहार सरकार "बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना (BGHS)" लागू करने की तैयारी में है। योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
पटना | BLive डेस्क
बिहार सरकार राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए "बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना (BGHS)" लागू करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
क्या है BGHS?
BGHS के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मरीजों को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से राशि खर्च नहीं करनी होगी।
## किन लोगों को मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ निम्नलिखित वर्गों को मिलने का प्रस्ताव है:
- बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्य
- उनके आश्रित परिवारजन
- IAS, IPS, IFS सहित अखिल भारतीय सेवाओं के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी
- राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी एवं अधिकारी
- पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर
- पटना उच्च न्यायालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके आश्रित
## क्यों लाई जा रही है योजना?
वर्तमान चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Reimbursement) व्यवस्था में कर्मचारियों और पेंशनरों को पहले इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता है। बाद में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गंभीर बीमारियों के मामलों में यह व्यवस्था लाभार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती है। इसी कारण कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
## मिलेगा कैशलेस हेल्थ कार्ड
योजना के तहत लाभार्थियों को Cashless Health Card जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के इलाज कराया जा सकेगा।
## डिजिटल पोर्टल होगा विकसित
योजना के संचालन के लिए एक आधुनिक डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से:
- लाभार्थियों का पंजीकरण
- अस्पतालों का सूचीकरण
- कैशलेस कार्ड जारी करना
- दावों का निपटान
- ऑनलाइन निगरानी एवं प्रबंधन
जैसे कार्य किए जाएंगे।
## 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि
प्रस्ताव के अनुसार योजना के प्रारंभिक संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि उपलब्ध कराई जाएगी।
## कर्मचारियों से लिया जाएगा अंशदान
योजना के संचालन के लिए कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते का 90 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित कोष में जमा किया जाएगा। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनरों को सदस्य बनने के लिए एक माह की पेंशन के बराबर राशि जमा करनी होगी।
