भागलपुर में DBRAP लागू, उद्योग-व्यापार को मिलेगा बढ़ावा; कारोबार शुरू करना होगा आसान

भागलपुर में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने जिला व्यवसाय सुधार एक्शन प्लान (DBRAP) लागू करने की पहल की है। इसके तहत व्यवसाय स्थापित करने, सरकारी अनुमतियां प्राप्त करने और विभिन्न सेवाओं को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाएगा। ऑनलाइन सेवाओं, विभागीय समन्वय और निवेश-अनुकूल व्यवस्था के माध्यम से MSME, स्टार्टअप, नए निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर जिले में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से जिला व्यवसाय सुधार एक्शन प्लान (District Business Reforms Action Plan - DBRAP) लागू किया जा रहा है। यह पहल भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) पहल के अनुरूप जिला स्तर पर निवेश-अनुकूल वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
DBRAP के तहत व्यवसाय स्थापित करने, उद्योग संचालित करने तथा विभिन्न सरकारी अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल और डिजिटल बनाया जाएगा। आवेदन, शुल्क भुगतान, प्रमाण-पत्र, अनुमतियां एवं स्वीकृतियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। प्रत्येक सेवा के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की जाएगी तथा आवेदनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला उद्योग केंद्र (DIC) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिला प्रशासन के नेतृत्व में नगर निकाय, श्रम विभाग, राजस्व विभाग, बिजली वितरण कंपनियां, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से निवेशकों और उद्यमियों के लिए बेहतर व्यावसायिक वातावरण तैयार किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार DBRAP लागू होने से उद्यमियों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, अनुमतियां समय पर मिलेंगी, शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत होगी तथा निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। इससे MSME, स्टार्टअप और नए उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश बढ़ेगा तथा जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि DBRAP के प्रभावी क्रियान्वयन से भागलपुर में उद्योग, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और उद्यमी-अनुकूल बनेंगी।
