निजी स्कूलों पर DM का सख्त एक्शन: फीस वसूली पर लगेगा ब्रेक, मनमानी नहीं चलेगी
भागलपुर में निजी स्कूलों की फीस वसूली और मनमानी पर प्रशासन सख्त हुआ है। जिलाधिकारी ने री-एडमिशन फीस और अतिरिक्त शुल्क लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Bhagalpur | BLive Desk
भागलपुर में निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों से वसूली की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार (11 अप्रैल 2026) को टाउन हॉल में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के संचालक, प्रबंधक और प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि री-एडमिशन के नाम पर दोबारा फीस वसूली करना नियमों के खिलाफ है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्कूलों को निर्देश दिया कि शिक्षा को व्यवसाय न बनाएं और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा प्रशासन कठोर कदम उठाएगा।**
बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि कई स्कूल 'एनुअल चार्ज' या 'डेवलपमेंट फीस' के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिस पर प्रशासन ने नाराजगी जताई।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि स्कूलों में बच्चों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी।
