भागलपुर के DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भावुक संदेश जारी कर कहा – "भागलपुर सदैव मेरे हृदय में रहेगा"

भागलपुर के DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिलेवासियों के नाम भावुक संदेश जारी करते हुए जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भागलपुर हमेशा उनके हृदय में रहेगा और यदि कार्यकाल के दौरान कोई त्रुटि हुई हो तो उसके लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं।
भागलपुर | BLive डेस्क:
लगभग दो वर्ष पांच माह तक भागलपुर के DM के रूप में सेवा देने के बाद डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिलेवासियों के नाम एक भावुक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि भागलपुर उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि परिवार बन गया है और यहां के लोगों का स्नेह, सहयोग एवं विश्वास उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भागलपुर की जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनभागीदारी और लोगों के सहयोग से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल रहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सुझाव, मार्गदर्शन और सकारात्मक सहयोग से प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बन सके।
उन्होंने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने सदैव जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और प्रशासनिक सफलता हमेशा सामूहिक प्रयासों का परिणाम होती है।
DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मीडिया जगत के सभी पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों का भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाई तथा सकारात्मक सुझावों, रचनात्मक आलोचना और जनसरोकार के मुद्दों को सामने लाकर प्रशासन को अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने में सहयोग किया।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भागलपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत सदैव उनकी स्मृतियों में अंकित रहेगी। यहां के लोगों का अपनापन, सादगी और आत्मीयता उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने विश्वास जताया कि भागलपुर विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को अवश्य प्राप्त करेगा।
संदेश के अंत में डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान उनसे कोई त्रुटि हुई हो तो वे उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के स्नेह, सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, "भागलपुर सदैव मेरे हृदय में रहेगा।"
