JSSC में बड़ा बवाल: Final Answer Key के बाद हजारों अभ्यर्थी OUT?
JSSC ने Final Answer Key 2026 जारी कर दी है, लेकिन Error 5(c) के कारण हजारों अभ्यर्थी अपनी आंसर शीट नहीं देख पाए। जानें पूरा मामला और छात्रों का विरोध।
Bhagalpur | BLive Desk
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की फाइनल आंसर की जारी कर दी है। आयोग की ओर से 15 अप्रैल 2026 को जारी नोटिस में अभ्यर्थियों को अंतिम उत्तर कुंजी उपलब्ध कराई गई है।
हालांकि, इस फैसले के बाद हजारों अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बन गई है। दरअसल, ऐसे अभ्यर्थी जिनके लॉगिन में पहले “Terminal Under Review – Error Code 5(c)” की समस्या आ रही थी, उनकी समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 23 मार्च 2026 को जारी प्रोविजनल आंसर की के दौरान करीब 1000 से 1500 अभ्यर्थी अपना उत्तर पत्रक डाउनलोड नहीं कर सके थे। इन अभ्यर्थियों को पोर्टल पर लगातार “Error 5(c)” दिख रहा था, जिसके कारण वे अपनी आंसर शीट तक पहुंच नहीं पाए।
एफिडेविट जमा कराने के बाद भी नहीं मिला समाधान
समस्या के समाधान के लिए अभ्यर्थियों को JSSC कार्यालय बुलाकर एफिडेविट जमा करने का निर्देश दिया गया था। इसमें अभ्यर्थियों को यह घोषित करना था कि उन्होंने परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के अनऑथराइज्ड मींस या संदिग्ध गतिविधि में भाग नहीं लिया।
कई अभ्यर्थियों ने लंबी दूरी तय कर, आर्थिक खर्च उठाकर और घंटों लाइन में लगकर 10 अप्रैल तक अपना एफिडेविट जमा किया। इसके बावजूद अब तक उनकी तकनीकी समस्या दूर नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों में बढ़ रहा आक्रोश
फाइनल आंसर की जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि:
जब वे अपनी आंसर शीट ही नहीं देख पाए, तो आपत्ति कैसे दर्ज करते?
इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी खुद को न्याय से वंचित महसूस कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने आयोग के इस रवैये को ढुलमुल और मनमाना बताया है।
कोर्ट जाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, प्रभावित अभ्यर्थी अब इस मामले को लेकर न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना समस्या का समाधान किए फाइनल आंसर की जारी करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
आयोग पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में JSSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि:
- तकनीकी समस्या के समाधान में देरी हुई
- आपत्ति दर्ज करने का उचित अवसर नहीं दिया गया
- पारदर्शिता की कमी दिखाई दी
निष्कर्ष
फाइनल आंसर की जारी होने के बावजूद, जिन अभ्यर्थियों को अब तक अपने उत्तर देखने का मौका नहीं मिला, उनके लिए यह फैसला चिंता और असंतोष का कारण बन गया है। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि आयोग इस मुद्दे पर क्या अगला कदम उठाता है।
