Model School के लिए साक्षात्कार शुरू: कई शिक्षक अंग्रेजी सवालों में हुए असहज

भागलपुर में मॉडल स्कूल चयन प्रक्रिया के दौरान अंग्रेजी में पढ़ाने की क्षमता और कम्युनिकेशन स्किल को मुख्य आधार बनाया जा रहा है, जिससे शिक्षकों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर में मॉडल स्कूलों के लिए चल रही चयन प्रक्रिया ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।
यह सिर्फ इंटरव्यू नहीं, बल्कि टीचिंग स्टाइल और अंग्रेजी क्षमता की असली परीक्षा बन चुकी है।
डीईओ कार्यालय में आयोजित काउंसलिंग और साक्षात्कार के दौरान कई शिक्षकों में उत्साह के साथ-साथ हल्की घबराहट भी देखने को मिली। वजह साफ है—इस बार सवाल केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि यह भी परखा जा रहा है कि शिक्षक अंग्रेजी माध्यम में बच्चों को कितनी प्रभावी तरीके से पढ़ा सकते हैं।
🎯 क्या बदला इस बार?
- इंटरव्यू में कम्युनिकेशन स्किल पर खास फोकस
- अंग्रेजी में पढ़ाने की क्षमता को प्राथमिकता
- टीचिंग मेथड और क्लासरूम अप्रोच का भी मूल्यांकन
सूत्रों के अनुसार, कई शिक्षकों ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए, लेकिन कुछ उम्मीदवार अंग्रेजी से जुड़े सवालों में असहज नजर आए।
📊 सिर्फ ज्ञान नहीं, पूरा पैकेज जरूरी
अधिकारियों की कोशिश है कि मॉडल स्कूलों में ऐसे शिक्षक चुने जाएं जो:
✔️ विषय में मजबूत हों
✔️ आधुनिक तरीके से पढ़ा सकें
✔️ और अंग्रेजी माध्यम में सहज हों
📅 आगे क्या?
24 अप्रैल तक दस्तावेज़ सत्यापन, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विभिन्न प्रखंडों में इंटरव्यू और काउंसलिंग जारी रहेगी।
अब साफ है—मॉडल स्कूल में चयन के लिए केवल अनुभव नहीं, बल्कि नई शिक्षा प्रणाली के साथ तालमेल भी जरूरी है।
