NSE IPO को लेकर बड़ी अपडेट: अगले महीने मिल सकती है SEBI की मंजूरी, सितंबर में लॉन्च होने की संभावना

NSE IPO को लेकर बड़ी प्रगति की खबर सामने आई है। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, SEBI अगले महीने NSE के IPO को मंजूरी दे सकता है। मंजूरी मिलने पर सितंबर 2026 में IPO लॉन्च होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जुलाई से विदेशी निवेशकों के लिए ग्लोबल रोडशो शुरू हो सकते हैं। लगभग ₹30,000 करोड़ के इस IPO को भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है।
नई दिल्ली | BLive डेस्क
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। Moneycontrol की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मर्चेंट बैंकिंग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) अगले महीने NSE के IPO को मंजूरी दे सकता है। यदि नियामकीय प्रक्रिया समय पर पूरी होती है और बाजार की परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो यह IPO सितंबर 2026 में लॉन्च किया जा सकता है।
17 जुलाई से शुरू हो सकते हैं ग्लोबल रोडशो
रिपोर्ट के अनुसार, IPO की तैयारी के तहत विदेशी निवेशकों के लिए 17 जुलाई से वैश्विक निवेशक रोडशो आयोजित किए जाने की योजना है। ये रोडशो अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, हांगकांग और सिंगापुर जैसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों में प्रस्तावित हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को NSE के IPO से जोड़ा जा सके।
DRHP पर अधिकांश सवालों के जवाब दिए जा चुके
सूत्रों के अनुसार, NSE द्वारा दायर Draft Red Herring Prospectus (DRHP) पर SEBI की ओर से उठाए गए अधिकांश प्रश्नों का जवाब दिया जा चुका है। अब मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय पूरी तरह SEBI की समीक्षा और नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
करीब ₹30,000 करोड़ का हो सकता है IPO
रिपोर्ट में कहा गया है कि NSE का प्रस्तावित IPO लगभग ₹30,000 करोड़ का हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों (IPO) में शामिल होगा। इस IPO का लंबे समय से निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को इंतजार है।
वर्षों बाद पूरी हो सकती है लिस्टिंग की राह
NSE ने पहली बार वर्ष 2016 में IPO के लिए आवेदन किया था। लेकिन को-लोकेशन (Co-location) और डार्क फाइबर (Dark Fibre) से जुड़े नियामकीय मामलों के कारण प्रक्रिया लंबी खिंच गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष NSE ने संबंधित मामलों के निपटारे की दिशा में कदम बढ़ाए। इसके बाद इस वर्ष जनवरी में आवश्यक अनापत्ति (NOC) मिलने के बाद जून में संशोधित DRHP दाखिल किया गया, जिससे IPO प्रक्रिया को फिर से गति मिली।
अंतिम मंजूरी SEBI के चेयरमैन के स्तर पर
चूंकि प्रस्तावित IPO का आकार ₹10,000 करोड़ से अधिक होने की संभावना है, इसलिए नियमानुसार इसे SEBI चेयरमैन की अंतिम मंजूरी भी आवश्यक होगी। मंजूरी मिलने के बाद कंपनी निवेशकों के लिए इश्यू खोलने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
NSE ने क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, NSE ने इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है। एक्सचेंज का कहना है कि DRHP दाखिल किया जा चुका है और नियामकीय प्रक्रिया जारी है। इस चरण में कंपनी इससे अधिक जानकारी साझा नहीं कर सकती।
