कहलगांव में NTPC के बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 का समापन, 127 बालिकाओं को मिला प्रशिक्षण

भागलपुर के एनटीपीसी कहलगांव में बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM) 2026 का भव्य समापन हुआ। 27 दिनों तक चले इस अभियान में 127 बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, योग और जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया और पहली बार GEM पुस्तिका का भी लोकार्पण किया।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर के एनटीपीसी कहलगांव द्वारा आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान (Girls Empowerment Mission-GEM) 2026 का शनिवार को भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। एक महीने तक चले इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की 127 बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, योग, विज्ञान, कला, व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय थीं। उनके साथ कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कृष्ण चंद्र गुप्ता सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और एनटीपीसी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने दिया आत्मनिर्भर बनने का संदेश
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यही गुण उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम बनाएंगे। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
पहली बार GEM पुस्तिका का हुआ लोकार्पण
समारोह के दौरान GEM 2026 पुस्तिका का पहली बार लोकार्पण किया गया। इसमें अभियान की प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और प्रतिभागी बालिकाओं के प्रेरणादायक अनुभवों को संकलित किया गया है।
27 दिनों तक चला आवासीय प्रशिक्षण
इस वर्ष अभियान में शामिल 127 बालिकाओं को 27 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के दौरान कराटे, योग, आत्मरक्षा, विज्ञान, कला एवं शिल्प सहित विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समापन समारोह में प्रतिभागी बालिकाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र, GEM पुस्तिका तथा प्रेरणादायी पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया।
एनटीपीसी का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
