Rationalization और Teacher Transfer को लेकर शिक्षा विभाग की तैयारी तेज, लाखों शिक्षकों पर पड़ सकता है असर

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या के मानकीकरण (Rationalization) को लेकर तैयारियां तेज होने की चर्चा है। विभागीय SOP के अनुसार जहां शिक्षकों की संख्या निर्धारित मानक से अधिक है, वहां से शिक्षकों को कमी वाले विद्यालयों में भेजा जा सकता है। प्राथमिक विद्यालयों में 4+1 और मध्य विद्यालयों में 8+1 शिक्षकों का मानक तय किया गया है। बड़े पैमाने पर विभागीय स्थानांतरण की संभावना को लेकर शिक्षक समुदाय में चर्चा है, हालांकि अभी तक कोई नया आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में शिक्षकों को विभाग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
पटना | BLive Desk
बिहार शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या के मानकीकरण (Rationalization) को लेकर जारी SOP के आधार पर शिक्षक समायोजन और स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभाग विद्यालयवार शिक्षक संख्या की समीक्षा कर रहा है, जिससे कई स्कूलों में शिक्षकों की पुनर्पदस्थापना की संभावना जताई जा रही है।
क्या है विभाग का मानक?
प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) में न्यूनतम 4 शिक्षक + 1 प्रधान शिक्षक का प्रावधान निर्धारित किया गया है। छात्र संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं मध्य विद्यालय (कक्षा 1 से 8) में 8 शिक्षक + 1 प्रधानाध्यापक का मानक तय किया गया है। कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार शिक्षक पदों का भी प्रावधान किया गया है।
Rationalization में क्या हो सकता है?
विभागीय मानक से अधिक शिक्षक वाले विद्यालयों से शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजा जा सकता है, जहां शिक्षक संख्या कम है।
विशेष रूप से प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक वितरण को संतुलित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि सभी विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
स्थानांतरण की भी बन रही है संभावना
शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा है कि Rationalization के तहत बड़ी संख्या में शिक्षकों का विभागीय स्थानांतरण किया जा सकता है। वहीं स्वेच्छिक या ऐच्छिक स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षकों से अलग प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाने की संभावना है।
चर्चा यह भी है कि महिला शिक्षकों को गृह पंचायत के निकट तथा पुरुष शिक्षकों को गृह प्रखंड के आसपास पदस्थापन में प्राथमिकता दी जा सकती है।
6-8 में शिक्षकों की कमी कैसे होगी पूरी?
कई विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भविष्य में होने वाली शिक्षक नियुक्तियों के माध्यम से इन रिक्तियों को भरा जा सकता है।
