बिहार के सरप्लस शिक्षकों के ट्रांसफर पर फिलहाल ब्रेक, पटना हाईकोर्ट ने दिया Status Quo का आदेश

पटना हाईकोर्ट ने CWJC No. 12326/2026 में बिहार के सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण मामले में फिलहाल Status Quo बनाए रखने का आदेश दिया है। राज्य सरकार को Counter Affidavit दाखिल करने का निर्देश दिया गया है और अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आदेश सभी सरप्लस शिक्षकों पर लागू है या केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित है।
पटना | BLive डेस्क
बिहार में सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पटना हाईकोर्ट ने CWJC No. 12326/2026 में फिलहाल Status Quo बनाए रखने का आदेश दिया है।
17 अगस्त 2026 के आदेश में राज्य सरकार को Counter Affidavit दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि Status Quo का आदेश सभी सरप्लस शिक्षकों के ट्रांसफर पर लागू है या केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित है। आदेश की विस्तृत/रिटर्न कॉपी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक सीमा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों में नाराजगी
कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जिन शिक्षकों ने स्थानांतरण से बचने के लिए न्यायालय का रुख किया था, उनके बीच इस आदेश को लेकर राहत और खुशी है।
वहीं दूसरी ओर, अपने घर से 100 से 300 किलोमीटर या उससे भी अधिक दूरी पर कार्यरत कई शिक्षकों में निराशा और नाराजगी देखी जा रही है। ऐसे शिक्षक लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे और उन्हें उम्मीद थी कि सरप्लस एवं रेशनलाइजेशन प्रक्रिया के तहत उन्हें गृह जिले या घर के आसपास पदस्थापना मिल सकेगी।
कई शिक्षकों का कहना है कि ट्रांसफर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी और स्थानांतरण सूची जारी होने का इंतजार था। ऐसे में कोर्ट के आदेश से उनकी उम्मीदों को फिलहाल झटका लगा है।
70 हजार से अधिक शिक्षकों ने किया था आवेदन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक लाख से अधिक सरप्लस शिक्षकों में 70 हजार से अधिक शिक्षकों ने रेशनलाइजेशन के तहत स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है।
इसी बीच पटना में शिक्षा विभाग की बैठक भी चल रही है। अब इस न्यायालयी आदेश के बाद सरकार और विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर शिक्षकों की नजर बनी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह रुकेगी या Status Quo का आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रहेगा?
इसका स्पष्ट जवाब 21 सितंबर 2026 की अगली सुनवाई और उससे पहले सामने आने वाली आदेश की विस्तृत कॉपी से मिलने की उम्मीद है।
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