UAE ने OPEC छोड़ने का किया ऐलान, वैश्विक तेल बाजार पर असर की आशंका

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 मई 2026 से OPEC छोड़ने का ऐलान किया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ गई है। यह फैसला OPEC के उत्पादन कोटे से असंतोष और अपनी बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के कारण लिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे OPEC की ताकत कमजोर हो सकती है, हालांकि मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल बाजार पर तत्काल असर सीमित रहने की संभावना है।
World News | BLive Desk
दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ा फैसला लेते हुए OPEC (Organization of the Petroleum Exporting Countries) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला 1 मई 2026 से लागू होगा, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, UAE लंबे समय से OPEC के उत्पादन कोटे से असंतुष्ट था। देश ने हाल के वर्षों में अपनी तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाई है और वह ज्यादा उत्पादन करना चाहता था, लेकिन OPEC की सीमाओं के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि UAE के इस कदम से OPEC की ताकत कमजोर हो सकती है, क्योंकि यह संगठन के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है। इससे तेल की कीमतों और सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, तत्काल प्रभाव सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह मध्य-पूर्व में चल रहा तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधाएं हैं, जिससे पहले से ही वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude oil की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी है, जो युद्ध से पहले के स्तर से काफी अधिक है।
UAE और सऊदी अरब के बीच हाल के समय में बढ़े मतभेद भी इस फैसले की एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं। इससे पहले कतर (Qatar) भी 2019 में OPEC छोड़ चुका है।
👉 कुल मिलाकर, UAE का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है और आने वाले समय में इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
