जीविका स्वयं सहायता समूहों को अब पूंजी की कमी नहीं होगी, UCO बैंक देगा जरूरत के अनुसार ऋण

भागलपुर में जीविका और UCO बैंक के संयुक्त मेगा ऋण वितरण शिविर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यम और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को 6 से 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में अब तक 38,938 जीविका स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं और समूहों के बैंक ऋण की वापसी दर करीब 99 प्रतिशत बताई गई।
भागलपुर | BLive डेस्क
जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यम, स्वरोजगार और आजीविका के लिए अब पूंजी की कमी बाधा नहीं बनेगी। UCO बैंक की ओर से जीविका स्वयं सहायता समूहों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी जीविका एवं UCO बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेगा ऋण वितरण शिविर में दी गई।
कार्यक्रम में UCO बैंक के महाप्रबंधक प्रदीप आनंद केशरी ने कहा कि जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बैंक का अनुभव काफी अच्छा रहा है। महिलाएं बैंक से ऋण लेकर विभिन्न प्रकार के उद्यम एवं स्वरोजगार संचालित कर रही हैं और समय पर ऋण की वापसी भी कर रही हैं। इससे महिलाओं के वित्तीय अनुशासन और बैंकिंग व्यवस्था के प्रति बढ़ते विश्वास का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि UCO बैंक स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
प्रत्येक समूह को 6 से 10 लाख रुपये तक ऋण का लक्ष्य
जीविका के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष कुमार ने बताया कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को 6 से 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे समूहों को आर्थिक एवं आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्यक्तिगत उद्यम ऋण देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं अपना व्यक्तिगत व्यवसाय शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें।
भागलपुर में 38,938 स्वयं सहायता समूह गठित
जीविका भागलपुर के जिला परियोजना प्रबंधक सुनीर्मल गरेन ने बताया कि भागलपुर जिले में अब तक 38,938 जीविका स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है।
इनमें नवगठित करीब 9 हजार से अधिक समूहों के बचत खाते तथा 10 हजार से अधिक समूहों के ऋण खाते खोले जा चुके हैं। जिले में सबसे अधिक स्वयं सहायता समूहों के खाते UCO बैंक के साथ खोले गए हैं।
उन्होंने बताया कि बैंक की ओर से समूहों के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक रवैये के कारण बड़ी संख्या में जीविका दीदियां बैंकिंग एवं ऋण लेन-देन से जुड़ रही हैं।
ऋण वापसी दर करीब 99 प्रतिशत
जीविका की ओर से समूहों को समय पर बैंक ऋण वापस करने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। इसके लिए जिले में सघन ऋण वापसी अभियान भी चलाया जाता है।
अधिकारियों के अनुसार इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भागलपुर जिले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लिए गए बैंक ऋण की ऋण वापसी दर करीब 99 प्रतिशत है।
महिलाओं ने साझा किए अनुभव
मेगा ऋण वितरण शिविर में जीविका से जुड़े पदाधिकारियों और बैंक अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंक ऋण, वित्तीय प्रबंधन, उद्यम संचालन और समय पर ऋण वापसी से संबंधित जानकारी दी।
