बीजिंग शिखर वार्ता में दिखी नरमी, लेकिन US-China गतिरोध अभी कायम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ स्थिरता लौटती दिखी है, लेकिन व्यापार, रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और वैश्विक मुद्दों पर गतिरोध अब भी कायम है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में बड़े आर्थिक समझौते नहीं हो सके, हालांकि दोनों पक्षों ने वार्ता को सकारात्मक बताया।
भागलपुर | BLive Desk
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई हालिया बैठक के बाद दोनों देशों के संबंधों में कुछ स्थिरता लौटती दिख रही है, लेकिन बड़े मुद्दों पर गतिरोध अब भी कायम है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, यह शिखर वार्ता बड़े आर्थिक समझौतों या किसी बड़े ब्रेकथ्रू के बिना समाप्त हुई।
Reuters की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष के ट्रेड वॉर और भारी टैरिफ विवादों के बाद अमेरिका और चीन के रिश्तों में अब अपेक्षाकृत स्थिरता दिखाई दे रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार, इंडो-पैसिफिक रणनीति और चीन की आर्थिक नीतियों जैसे बड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में कुछ सीमित आर्थिक समझौते हुए, लेकिन 2017 की ट्रंप-चीन यात्रा की तुलना में यह काफी छोटे स्तर पर रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को इस वार्ता से अपेक्षाकृत अधिक रणनीतिक लाभ मिला है क्योंकि अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीति में नरमी देखने को मिली।
बैठक में अमेरिका के कई बड़े उद्योगपति भी शामिल हुए, जिनमें एलन मस्क और जेनसन हुआंग जैसे नाम शामिल बताए गए। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि इन उद्योगपतियों को भी इस यात्रा से कोई बड़ा व्यावसायिक परिणाम हासिल नहीं हुआ।
Reuters के मुताबिक, अमेरिका ने चीन से ईरान युद्ध और वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर रहे मुद्दों पर सहयोग की उम्मीद की थी, लेकिन कोई सार्वजनिक प्रतिबद्धता सामने नहीं आई। वहीं चीनी पक्ष ने इस बैठक को “रचनात्मक और रणनीतिक” बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शिखर वार्ता दोनों देशों के बीच टकराव को कम करने की दिशा में एक संकेत जरूर है, लेकिन अमेरिका-चीन के बीच चल रही रणनीतिक प्रतिस्पर्धा अभी समाप्त होती नहीं दिख रही।
